SSC GD 2025 | संज्ञा, सर्वनाम Hindi Class | SSC GD Hindi Super Sets | SSC GD Hindi By Neeraj Sir
नमस्कार और परिचय
स्वागत और प्रारंभिक बातचीत
- नीरज शर्मा ने सभी छात्रों का हार्दिक स्वागत किया और उनकी भलाई की कामना की।
- विभिन्न छात्रों के नामों का उल्लेख करते हुए, उन्होंने सभी को नमस्ते कहा।
व्याकरण पर चर्चा
संज्ञा और सर्वनाम
- नीरज ने व्याकरण के कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स, विशेषकर संज्ञा और सर्वनाम पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया।
- उन्होंने छात्रों से अपेक्षा की कि वे प्रश्नों के उत्तर अच्छे से दें।
प्राचीन और आधुनिक हिंदी में संज्ञा
- प्राचीन हिंदी में संज्ञा के पांच भेद बताए गए: समूहवाचक, जातिवाचक, व्यक्तिवाचक, भाववाचक, द्रव्य या पदार्थ वाचक।
- आधुनिक हिंदी में संज्ञा के तीन भेद होते हैं: जातिवाचक, व्यक्तिवाचक, भाववाचक।
संज्ञा के भेद
प्राचीन हिंदी में संज्ञाओं का वर्गीकरण
- नीरज ने प्राचीन हिंदी में संज्ञाओं के पांच भेदों को स्पष्ट किया।
- उदाहरण देते हुए बताया कि सभा एक समूह है जिसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं।
प्रश्नोत्तर सत्र
- अगला प्रश्न पूछा गया कि निम्नलिखित शब्दों में से कौन सा जातिवाचक संज्ञा है।
- छात्र को समझाया गया कि मनुष्य जैसे शब्द जाति का उदाहरण हैं क्योंकि यह एक समानता दर्शाता है।
लेखक और विकारी शब्द
लेखक की पहचान
- लेखक शब्द को जातिवाचक संज्ञा माना गया क्योंकि यह अनेक लेखकों को संदर्भित करता है।
विकारी शब्दों की पहचान
- विकारी शब्दों के चार प्रकार बताए गए हैं।
इस प्रकार, इस नोट्स में मुख्य बिंदुओं को समय चिह्न सहित प्रस्तुत किया गया है ताकि अध्ययन करना आसान हो सके।
संज्ञा और विकारी शब्दों की समझ
संज्ञा के प्रकार
- संज्ञा को विकारी शब्द माना जाता है, जिसमें लिंग, वचन, काल और कारक के अनुसार बदलाव होता है।
- "लड़का" एक विकारी संज्ञा है जो जातिवाचक श्रेणी में आती है। सभी लड़के और लड़कियाँ जातिवाचक होते हैं।
भाववाचक संज्ञा
- भाववाचक संज्ञा वह होती है जिसे हम देख नहीं सकते, बल्कि केवल महसूस कर सकते हैं। इसके पीछे विशेष प्रत्यय होते हैं जैसे "-पन", "-ता", आदि।
- उदाहरण: सजावट, बनावट, गड़गड़ाहट, बुढ़ापा - ये सभी भाववाचक संज्ञाएँ हैं।
लिंग का निर्धारण
- जिन भाववाचक संज्ञाओं के अंत में "-हट" होता है, वे स्त्रीलिंग होती हैं। उदाहरण: गड़गड़ाहट।
- पुल्लिंग और स्त्रीलिंग का निर्धारण उनके पीछे आने वाले शब्दों से किया जाता है।
भाववाचक संज्ञा के निर्माण के तरीके
- भाववाचक संज्ञाएँ पांच प्रकार के शब्दों से बनती हैं:
- जातिवाचक
- विशेषण
- सर्वनाम
- क्रिया
- अव्यय
चरित्र और स्वभाव की पहचान
- चरित्र और स्वभाव जैसे शब्द जाति में आते हैं न कि भाव में। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये जातिवाचक रूप में प्रयोग होते हैं।
हिमालय और गाय की पहचान
हिमालय की वर्गीकरण
- हिमालय एक विशेष पर्वत का नाम है जो व्यक्ति में आता है। इसे जाति नहीं माना जा सकता क्योंकि यह एक विशिष्ट नाम है।
गाय की वर्गीकरण
- गाय एक जातिवाचक संज्ञा होती है। जब किसी जीव या वस्तु का बोध होता है तो उसे जातिवाचक कहा जाता है।
समूहवाचक संज्ञा और द्रव्यवाचक संज्ञा
समूहवाचक संज्ञा की पहचान
- प्रश्न में पूछा गया कि कौन सा शब्द समूहवाचक संज्ञा नहीं है। उत्तर "दौड़ना" एक क्रिया है, जबकि अन्य विकल्प जैसे "सभा", "कक्षा", "भीड़", और "परिवार" समूहवाचक हैं।
द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण
- द्रव्यवाचक संज्ञाओं के उदाहरण दिए गए: पानी, दूध, चाय, शिकंजी, और जूस। इनमें से सही उत्तर ऑप्शन नंबर सी है।
विशेषण और भाववाचक संज्ञा
- विशेषण का उदाहरण दिया गया - "मीठा" जो मिठाई का विशेषण है। यह बताया गया कि मीठे से मिठाई बनती है।
अचूक विशेषण और व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ
अचूक विशेषण का उपयोग
- अचूक शब्द का प्रयोग करते हुए कहा गया कि यह केवल निशाने पर लागू होता है। सही उत्तर ऑप्शन नंबर सी होगा।
व्यक्तिवाचक और जातिवाचक संज्ञाएँ
- गंगा को एक व्यक्तिवाचक संज्ञा माना गया क्योंकि यह एक विशिष्ट नदी है। जबकि 'नदी' जातिवाचक होती है।
राज्यपाल की पहचान
राज्यपाल में कौन सी संज्ञा?
- राज्यपाल को जातिवाचक या व्यक्तिवाचक के रूप में पहचाना गया। सभी पद जैसे प्रोफेसर, डॉक्टर आदि भी इसी श्रेणी में आते हैं।
संज्ञाओं के प्रकार
कोयला की पहचान
- कोयला को द्रव्यवाचक या पदार्थ वाचनिक माना गया।
भाववाक्य की पहचान
- रामचरित मानस, गंगा जैसे नामों को व्यक्तिवाचक माना गया जबकि बुढ़ापा भाववाक्य था।
भाववाक्य की समझ
भाववाक्य क्या होते हैं?
- पांडित्य जैसे शब्दों में ता प्रत्यय होता है जो भाव वाचनिकता दर्शाता है।
बुद्धिमान का उपयोग
- बुद्धिमान शब्द विशेषण के रूप में कार्य करता है न कि संज्ञा के रूप में।
महानता का अर्थ
महानता का भाव वाचनिकता
- महानता शब्द केवल उसी संदर्भ में आता है जब इसे भाव वाचनिकता से जोड़ा जाता है।
संज्ञा और सर्वनाम के भेद
संज्ञा की परिभाषा
- वाक्य में "चावल" एक संज्ञा है, जो द्रव्य पदार्थ वाचक के अंतर्गत आता है। चावल का दाम बढ़ने का उदाहरण दिया गया है।
- चावल खाने का पदार्थ है, इसलिए इसे द्रव्य या पदार्थ वाचक के अंतर्गत रखा जाता है।
भाववाचक संज्ञा
- "शीतलता" एक भाववाचक संज्ञा है, जिसका अर्थ ठंडक से संबंधित होता है। यह किसी विशेषता को दर्शाता है।
जातिवाचक और भाववाचक
- जिस संज्ञा से किसी पदार्थ में पाए जाने वाले धर्म का बोध होता है, उसे "जातिवाचक" नहीं बल्कि "भाववाचक" कहा जाता।
- जाति से संबंधित शब्दों को अलग समझना चाहिए; वे केवल समान वस्तुओं को दर्शाते हैं।
सर्वनाम के भेद
- हिंदी में सर्वनाम के छह भेद होते हैं और मूल सर्वनाम 11 होते हैं। निश्चयवाचक सर्वनाम का उदाहरण पूछा गया।
- संबंधवाचक सर्वनाम जैसे "यह" और "वह" होते हैं, जो किसी व्यक्ति या वस्तु की ओर इशारा करते हैं।
निजवाचक सर्वनाम
- जब कोई व्यक्ति अपने लिए बोलता है तो वह निजवाचक होता है। इसका अर्थ स्वयं या खुद से जुड़ा होता है।
प्रश्नवाचक सर्वनाम
- प्रश्नवाचक सर्वनाम जैसे "क्या", "कैसे", आदि होते हैं। ये सवाल पूछने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
हिंदी में कुल सर्वनाम
- हिंदी में कुल छह प्रकार के सर्वनाम होते हैं, जिनमें मूल रूप से 11 शामिल होते हैं।
डाउट और सर्वनाम की समझ
सर्वनाम का परिचय
- बच्चों में डाउट तब उत्पन्न होता है जब वे किसी विषय को स्पष्ट रूप से नहीं समझ पाते। उदाहरण के लिए, "हम ताजमहल देखने जाएंगे" वाक्य में 'हम' उत्तम पुरुष का सर्वनाम है।
- उत्तम पुरुष वह होता है जो बोलने वाला होता है। इसे बहुवचन में 'हम' कहा जाता है और करक की विभक्ति लगाकर 'हमारे' बनता है।
भ्रष्टाचार और सर्वनाम
- प्रश्न में दिए गए वाक्य "वे भ्रष्टाचार के प्रबल विरोधी थे" में 'वे' एक पुरुषवाचक सर्वनाम है।
- जब कोई व्यक्ति अपने कार्य स्वयं करता है, जैसे "मैं अपने कार्य खुद करता हूं", तो यह निजवाचक सर्वनाम कहलाता है।
प्रश्नों का उत्तर देना
- बच्चों को यह समझाना आवश्यक है कि 'मुझे' किस प्रकार का पुरुषवाचक सर्वनाम है। यहाँ पर 'मुझे' उत्तम पुरुष का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
- तीन प्रकार के पुरुष होते हैं: बोलने वाला (उत्तम), सुनने वाला (मध्यम), और जिसके बारे में बात की जा रही हो (अन्य)।
अनिश्चयवाचक और निर्जीव वस्तुएं
- 'कोई आया था' वाक्य में 'कोई' अनिश्चयवाचक सर्वनाम दर्शाता है, जो सजीव प्राणी को संदर्भित करता है।
- निर्जीव वस्तुओं के लिए प्राणी वाचक नहीं होता, इसलिए इसका सही उत्तर अनिश्चयवाचक होगा।
संबंधवाचक सर्वनाम
- प्रश्न संख्या 34 में केवल एक ही विकल्प सही था जिसमें उत्तम पुरुष का प्रयोग हुआ था।
- संबंधवाचक सर्वनाम जैसे "जो" या "जिसकी" का उपयोग किया जाता है ताकि किसी विशेष चीज़ या व्यक्ति को संदर्भित किया जा सके।
प्रश्नों के उत्तर देने की प्रक्रिया
- बच्चों को यह बताना महत्वपूर्ण होता है कि किस वाक्य में सर्वनाम का प्रयोग हुआ। उदाहरण: "मैं कल दिल्ली जा रहा हूं" इस वाक्य में 'मैं' उत्तम पुरुष का संकेत देता है।
- छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे मेहनत करें क्योंकि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती; एक दिन सफलता अवश्य मिलेगी।
संवादात्मकता और गलती स्वीकारना
- अध्यापक भी गलतियाँ कर सकते हैं, इसलिए सभी से अपेक्षा होती है कि वे एक-दूसरे की भावनाओं को समझें।
- यदि कोई सवाल पूछता है जैसे "क्या आप घर भी जाएंगे?", तो इसका उत्तर हां या ना में दिया जा सकता है, जिससे संवाद स्थापित होता है।
सर्वनाम और प्रश्नवाचक शब्द
सर्वनाम की पहचान
- बच्चों को बताया गया कि "वह" एक सर्वनाम है, जो वाक्य में प्रयोग किया गया है।
- शिक्षक ने उदाहरण दिया कि "वह अपने पिताजी के साथ स्कूल जाती है", जिसमें "वह" सर्वनाम का उपयोग हो रहा है।
- यह स्पष्ट किया गया कि "वह" अन्य पुरुष (third person) का संकेत करता है, जिससे संवाद में संदर्भ स्थापित होता है।
होमवर्क और संज्ञा
- क्लास का होमवर्क प्रश्न दिया गया: "बड़प्पन किस प्रकार की संज्ञा है?" सभी छात्रों से उत्तर देने के लिए कहा गया।
- छात्रों को उनके द्वारा लिखे गए उत्तरों की संख्या बताने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि शिक्षक उनकी प्रगति जान सकें।
जीवन की चुनौतियाँ
- शिक्षक ने मजाक करते हुए कहा कि नौकरी न मिलने पर जीवन में कई समस्याएँ आ सकती हैं, जैसे प्रेमिका न मिलना।
- अंत में, कक्षा समाप्त करने से पहले सभी छात्रों को नमस्ते कहा गया और अगले पाठ के बारे में जानकारी दी गई।
विशेष पाठ्यक्रम का उल्लेख
- जिन छात्रों ने मेटा कोर्स नहीं लिया था, उन्हें अवसर बैच लेने के लिए प्रेरित किया गया।
- नए पाठ्यक्रम का विवरण दिया गया जो सितंबर में उपलब्ध होगा।
इस प्रकार, इस कक्षा में सर्वनामों की पहचान और उनके उपयोग पर चर्चा हुई, साथ ही विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।