"क्या आप जानते हैं? छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पर 15 सवाल – CGPSC & CGVYAPAM के लिए ज़रूरी!"
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाएं (जनवरी 2025 - अक्टूबर 2025)
नक्सलियों की मौत और आत्मसमर्पण
- 2025 में छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सबसे अधिक 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
- यह घटना 16 अक्टूबर को हुई, जिसमें पुरुष और महिला दोनों शामिल थे।
- फरवरी 2025 में इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान बीजापुर में 31 नक्सलियों की मौत हुई, जो कि 9 फरवरी को हुई थी।
- मार्च 2025 में बीजापुर व कांकेर क्षेत्र में कुल 30 नक्सलियों की मौत हुई, जिनमें से 26 महिलाएं थीं।
पुनर्वास नीति और सहायता राशि
- पुनर्वास नीति के तहत शहरी भूमि का आवंटन एक लाख 10742 वर्ग फीट या चार डिसमिल है।
- ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक हेक्टेयर भूमि दी जाती है; यदि उपलब्ध नहीं है तो सहायता राशि प्रदान की जाती है।
- आत्मसमर्पित नक्सलियों को नगद सहायता ₹00 दी जाती है।
एलविद पंचायत योजना और इनाम
- एलविद पंचायत योजना का मुख्य उद्देश्य नक्सल मुक्त पंचायतों को आर्थिक सहायता देना है।
- बसव राजू उर्फ नंबला केशवराव पर ₹1.5 करोड़ का इनाम था, जो सीपीआई का महासचिव था।
ऑपरेशन कगार और विकास सहायता
- नक्सल विरोधी संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन कगार' 21 अप्रैल 2025 से शुरू हुआ और यह अभियान कुल 21 दिन चला।
- ग्राम पंचायतों को विकास सहायता तब दी जाती है जब नक्सली आत्मसमर्पण करते हैं या पंचायत माओवादी मुक्त घोषित होती है।
शिक्षा और प्रोत्साहन राशि
- छत्तीसगढ़ नक्सलवाद पुनर्वास नीति के तहत शिक्षा के लिए ₹25,000 की सहायता राशि दी जाती है।
- लाइट मशीन गन (एलएमजी) के आत्मसमर्पण पर सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि ₹5 लाख दी जाती है।
वर्तमान स्थिति और योजनाएँ
- आत्मसमर्पित नक्सलियों के बच्चों को प्रयास एवं एकलव्य स्कूल योजना के तहत मुफ्त शिक्षा मिलती है।
- मुख्य उद्देश्य नक्सली गतिविधियों को समाप्त करना तथा उन्हें मुख्य धारा में लाना है।
पीडीएफ सामग्री उपलब्धता
- जनवरी से अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ करंट अफेयर पर चैप्टर वाइज थ्योरी एवं एमसीक्यू पीडीएफ केवल ₹50 प्रति पीडीएफ उपलब्ध हैं।